प्रेम परवाह है
हठ नहीं
प्रेम त्याग है
पीड़ा नहीं
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जो प्यार करता है
वो शक नहीं करता
जो शक करता है
वो प्यार ही नहीं करता
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तुमसे रूठ जाता हूँ
तुम्हारे जाने के बाद
तुम सामने आते हो
तों ख़ुद को भी भूल जाता हूँ
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कोई भी इस दुनिया में बदसूरत नहीं
जिससे हो जाए प्यार
उससे ज्यादा खूबसूरत कोई नहीं
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सर्द में सुबह की धूप सी तुम,
तुम हो तो रुत, रुत में निखार है,
सर्द में गर्म, गर्म में सर्द सी तुम,
तुम हो तो पतझड़ में भी बहार है,
वसंत में सावन सी तुम
तुम हो तो पानी में भी ख़ुमार है,
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हमे यूँ ही कोई इतना याद नहीं आता
ज़रूर हाल उनका भी कुछ ऐसा हो
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तुम्हे बर्दाश्त करने का सवाल ही नहीं
तुम्हारी इज़्ज़त बहुत करता हूँ
तुम रूठ जाती हो मुझसे
मै खुद से रूठ जाता हूँ
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ना तुम्हे पाने की चाहत है
ना खोने की आरजू
पर एक सुखद सा एहसास हो तुम
जो छ जाते हो बीन छुए
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मैने तुम्हे टूट कर चाहा है
मैने तुम्हे खोकर भी चाहा है
लोग ज़िंदा रहकर चाहते है किसी को
मैने तुम्हे मरकर भी चाहा है
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